Breaking

Post Top Ad

Your Ad Spot

Thursday, July 2, 2020

झारखंड में घर लौटे बेरोजगार श्रमिकों पर नक्सलियों की नजर, हर गांव से मांगे 10-10 युवक-युवती

कोरोना संकट और इसकी वजह से हुए लॉकडाउन ने शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ी है। वहीं दूसरे राज्यों से अपने गांव को लौटे प्रवासी श्रमिक भी रोजगार के अभाव से जूझ रहे हैं। अब इसी स्थिति का फायदा उठाने की फिराक में झारखंड के नक्सली संगठन सक्रिय हो गए हैं। गांवों में मुखिया, मुंडा और डाकुवा को पत्र लिख हर गांव से 10-10 युवक-युवती की मांग कर रहे हैं।

बेरोजगार युवाओं को लुभाने के लिए हर महीने 10 हजार तक तनख्वाह का प्रलोभन तक दिया जा रहा है। चतरा, लातेहार, गिरिडीह, हजारीबाग और चाईबासा के गांवों से नक्सली नेताओं के हस्तलिखित पत्र और पर्चे बरामद किए गए हैं। चाईबासा के टोन्टों में पुलिस ने भाकपा माओवादी के 10 उग्रवादियों के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। स्थित ऐसी है कि यदि सरकार ने जल्द इन बेरोजगार युवाओं को काम नहीं दिलाया तो इनमें से कई नक्सलियों के जाल में फंस भी सकते हैं।

अपना कैडर बढ़ाने के लिए नक्सली अपना रहे साम-दाम-दंड

लॉकडाउन के दौरान नक्सली लगातार कमजोर हुए हैं। इस वर्ष पुलिस भी नक्सली संगठनों पर भारी पड़ी है। जनवरी से अब तक 9 नक्सली मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि कई सरेंडर कर चुके हैं। ऐसे में नक्सली संगठन अपना कैडर बढ़ाने के लिए अब साम-दाम-दंड हर रणनीति अपना रहे हैं।

साम...मारी गई महिला नक्सलियों पर सहानुभूति
अप्रैल माह में मुठभेड़ में मारी गई तीन महिला नक्सलियों के नाम पर सहानुभूति बटोरने के लिए ग्राम प्रधान और मुंडा, डाकुवा को लिखे पत्र में नक्सलियों ने लिखा है कि युवाओं को मारी गई महिला नक्सलियों के बारे में बताएं और संगठन के पक्ष में समझाएं।

दाम...बेरोजगारों को मासिक वेतन के बहाने लुभा रहे नक्सली
नक्सलियों के निशाने पर हाल में गांव लौटे युवा श्रमिक हैं जो अभी बेरोजगार हैं। संगठन में शामिल होने पर इन्हें 8 से 10 हजार रुपए मासिक वेतन का ऑफर दिया जा रहा है। साथ ही परिवार की सुरक्षा की गारंटी और उनके जीवन स्तर में सुधार का भी भरोसा दिलाया जा रहा है।

दंड...धमका रहे हैं नक्सली, संगठन से न जुड़े तो मिलेगी मौत
ग्रामीण क्षेत्र में सक्रिय नक्सली उन परिवारों को धमका रहे हैं जिनमें युवा सदस्य हैं। गांवों में पर्चे फेंककर परिवारों से युवाओं को दस्ते में भेजने के लिए कहा जा रहा है, ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी मिल रही है। नक्सली नाबालिगों को भी संगठन में भेजने की मांग कर रहे हैं। 

दहशत में युवा, गांव छोड़ पलायन को मजबूर
पुलिस ने गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। मगर अभी इसका बहुत ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। परेशान युवा पलायन काे मजबूर हैं। नक्सलियों की बढ़ती सक्रियता काे देखते हुए युवा गांव छाेड़ अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। 

इन पर केस दर्ज

डीजीपी एमवी राव ने बताया कि प्रशांत बोस, मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, सुरेश मुंडा, कांडे होनहागा, लोदरो लोहार, राहत, सागेन व अनिता नक्सलियों की हरकतों की जानकारी है। पुलिस अपना काम कर रही है। ग्रामीणाें काे जागरूक भी किया जा रहा है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
झारखंड के चतरा, लातेहार, गिरिडीह, हजारीबाग और चाईबासा के गांवों से नक्सली नेताओं के हस्तलिखित पत्र और पर्चे बरामद किए गए हैं।


from Dainik Bhaskar /local/jharkhand/ranchi/news/naxalites-keep-an-eye-on-unemployed-workers-who-return-home-127471352.html

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages