कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को वीडियो लिंक के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सरकार के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज, कोरोना के दौरान मजदूरों की समस्या और देश के आर्थिक हालात पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक तूफान अभी आया नहीं है, आने वाला है। बहुत जबर्दस्त नुकसान होने वाला है। हम चाहते हैं कि सरकार हमारी सुने। हम यानी विपक्ष थोड़ा दबाव डाले और अच्छी तरह से समझाए तो सरकार सुन भी लेगी।
राहुल गांधी नेराहत पैकेज कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश करूंगा कि वे इस पैकेज के बारे में दोबारा सोचें। उन्हें डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर पर सोचना चाहिए। मनरेगा के तहत 200 दिन का रोजगार दिया जाए। किसानों को पैसा सीधे ट्रांसफर किया जाए। उन्होंने कहा कि हमने सुना है कि रेटिंग्स की वजह से सरकार पैसा नहीं दे रही। कहा जा रहा है कि अगर वित्तीय घाटा बढ़ता है तो विदेशी एजेंसियां भारत की रेटिंग्स कम कर देंगी।
राहुल ने मांग और आपूर्ति का मुद्दा उठाया, कहा-लोगों के पास पैसा नहीं खरीदेंगे कैसे
- राहुल ने कहा, 'कोरोना संकट में मांग और आपूर्ति दोनों बंद हैं। सरकार को दोनों को रफ्तार देनी है। अब सरकार ने जो कर्ज पैकेज की बात कही है, उससे मांग शुरू नहीं होने वाली है। क्योंकि, बिना पैसे के लोग खरीद कैसे करेंगे।'
- 'मांग को शुरू करने के लिए पैसा देने की जरूरत है। "न्याय" जैसी योजना इसमें मददगार साबित हो सकती है। मांग शुरू न होने पर बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान होने की संभावना है, जो कोरोना से भी बड़ा हो सकता है।'
राहुल ने मजदूरों पर कहा-जो सड़कों पर उनकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है
राहुल गांधी ने कहा कि किसी पर दोष मढ़ने का यह वक्त नहीं है। आज देश के सामने बड़ी समस्या है जिसका हमें हल निकालना है। मजदूरों की बात बहुत ही चुनौतीपूर्ण है. जो लोग सड़कों पर हैं उनकी मदद करना और उनकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। उनके जेब में सीधे पैसा भेजना होगा। इससे ज्यादा मुश्किल वक्त उनके जीवन में नहीं आएगा। हमें उन्हें यह एहसास कराना होगा कि हम उनके साथ हैं और उनका सम्मान कम नहीं होने देंगे।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from Dainik Bhaskar /national/news/rahul-gandhi-sayas-i-have-heard-that-the-reason-behind-not-giving-money-is-ratings-127307507.html
No comments:
Post a Comment