पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रवासी मजदूरों और गरीबों की तकलीफ से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया। वीडियो में बड़े शहरों से अपने राज्यों की ओर पलायन कर रहे मजदूरों की व्यथा दिखाई गई है।
उन्होंने लिखा- अंधकार घना है, कठिन घड़ी है, हिम्मत रखिए- हम इन सभी की सुरक्षा में खड़े हैं। सरकार तक इनकी चीखें पहुंचा के रहेंगे। इनके हक़ की हर मदद दिला के रहेंगे। देश की साधारण जनता नहीं, ये तो देश के स्वाभिमान का ध्वज हैं... इसे कभी भी झुकने नहीं देंगे।
अंधकार घना है कठिन घड़ी है, हिम्मत रखिए-हम इन सभी की सुरक्षा में खड़े हैं। सरकार तक इनकी चीखें पहुँचा के रहेंगे, इनके हक़ की हर मदद दिला के रहेंगे। देश की साधारण जनता नहीं, ये तो देश के स्वाभिमान का ध्वज हैं... इसे कभी भी झुकने नहीं देंगे। pic.twitter.com/bBf48DiluY
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 14, 2020
दो दिन पहले भी राहुल ने वीडियो शेयर कर केंद्र को घेरा था
दो दिन पहले भीपूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने एक ट्वीट कर प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगाई थी। तब राहुल ने ट्वीट किया था- प्रधानमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि आज रात के संबोधन में सडकों पर चलते हमारे लाखों श्रमिक भाइयों-बहनों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की घोषणा करें।इसके साथ ही इस संकट के समय में सहारा देने के लिए उन सभी के खातों में कम से कम 7500 रु. का सीधा हस्तांतरण दें।
राहुल ने मजदूरों को घर पहुंचाने की अपील की थी
वीडियो में राहुल यह भी कहते दिख रहे थे कि आज भारत माता रो रही है, क्योंकि उसके करोडों बच्चे, बेटे बेटियां सड़कों पर हजारों किलोमीटर चल रहे हैं, भूखे प्यासे चल रहे हैं. मैं सरकार से विनती करता हूं कि आप उनको घर पहुंचाइए, उनके बैंक अकाउंट में पैसा डालिए।इनके रोजगार के लिए स्मॉल एंड मीडियम इंडस्ट्रीज को जल्दी से जल्दी पैकेज दीजिए।
प्रधानमंत्री जी से मेरा आग्रह है कि आज रात के सम्बोधन में सडकों पर चलते हमारे लाखों श्रमिक भाइयों-बहनों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की घोषणा करें। इसके साथ ही इस संकट के समय में सहारा देने के लिए उन सभी के खातों में कम से कम 7500 रु का सीधा हस्तांतरण दें। pic.twitter.com/ot0T4jAyTR
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2020
वित्त मंत्री ने मनरेगा की मजदूरी बढ़ाने की घोषणा की
इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुरुवार को लगातार दूसरे दिन राहत पैकेज की घोषणा की। इसमें प्रवासी मजदूरों, छोटे किसानों और गरीबों पर फोकस रहा।वित्तमंत्री ने मनरेगा के तहत रोजाना औसत मजदूरी 182 रुपए से बढ़कर 202 रुपए कर दी। करीब 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को इसका फायदा होगा।
मजदूरों को मुफ्त अनाज देने के लिए केंद्र 3500 करोड़ रु. खर्च करेगा
वहीं, इन मजदूरों को अगले दो महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। मजदूरों को 5 किलो गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति और 1 किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा। इसका फायदा उन मजदूरों को भी मिलेगा, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में नहीं हैं या जिनके पास राज्यों की तरफ से मिले गरीबी कार्ड नहीं हैं, वे भी मुफ्त अनाज ले सकेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार 3500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। राज्य सरकारों को इस पर सिर्फ अमल करना होगा।
मजदूरों को अगले 2 महीने फ्री राशन मिलेगा
मजदूरों को शुक्रवार से अगले दो महीने तक फ्री राशन मिलेगा।अभी तक प्रवासी मजदूरों और गरीबों को अपने राशन कार्ड के जरिए दूसरे राज्यों में जाने पर अनाज नहीं मिल पाता
था। ऐसे गरीबों के लिए सरकार एक देश-एक राशन कार्ड लाएगी। प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों में भी कंट्रोल की दुकानों से राशन ले सकेंगे। मार्च 2021 में देशभर में एक देश-एक राशन कार्ड सुविधा शुरू हो जाएगी।
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