अमेरिकी अदालत ने एक पाकिस्तानी डॉक्टर को आतंकवाद में शामिल होने का दोषी ठहराया है। दोषी मुहम्मद मसूद (28), आतंकी संगठन आईएसआईएस के संपर्क में था और अमेरिका में हमले करना चाहता था। मिनियापोलिस सेंट पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 19 मार्च को मसूद की गिरफ्तारी हुई थी। वह एच-1बी वीजा पर अमेरिका गया था। वह रॉचेस्टर के एक मेडिकल क्लीनिक में रिसर्च को-ऑर्डिनेटर की पोस्ट पर काम करता था।
'अमेरिका में अकेले के दम पर हमले करना चाहता था'
कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में मुताबिक मसूद ने जनवरी से मार्च के बीच कई बार आईएसआईएस के आतंकियों से बात की और सीरिया जाकर आतंकी संगठन के लिए लड़ने की इच्छा जताई। उसने अकेले के दम पर अमेरिका में हमले करने की बात भी कही।
फ्लाइट से सीरिया जाने का प्लान फेल हुआ तो कार्गो शिप से जाना चाहता था
मसूद ने 21 फरवरी को शिकागो से अम्मान (जॉर्डन) का एयर टिकट खरीदा था। वहां से होकर सीरिया जाना चाहता था। 16 मार्च को प्लान बदलना पड़ा, क्योंकि कोरोनावायरस की वजह से जॉर्डन ने दूसरे देशों से आने वालीउड़ानोंपर पाबंदी लगा दी। इसके बाद मसूद ने मिनियापोलिस से लॉस एंजिल्स जाने का प्लान बनाया। वहां पर किसी की मदद से वह कार्गो शिप में सवार होना चाहता था। 19 मार्च को मसूद रॉचेस्टर से मिनियापोलिस के सेंट पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से लॉस एंजिल्स जाना चाहता था, लेकिनएयरपोर्ट पर जैसे ही उसने चेक-इन किया फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स ने गिरफ्तार कर लिया।
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